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Bpsc Prelims Ancient History Previous Year Question Quiz

Results

#1. भारत मे पशुपालन एवं कृषि के प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुए है 

Ans. D. मेहरगढ़ से 

भारतीय उपमहाद्वीप में पशुपालन एवं कृषि का प्रारंभिक स्थल मेहरगढ़ को माना जाता है , जो 7000-5500 ईसा पूर्व के मध्य मानव बसाव का क्षेत्र था । कुछ विद्वान मेहरगढ़ में पशुपालन का काल 8500 ईसा पूर्व से मानते हैं । नवीनतम खोजों के आधार पर भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीनतम कृषि साक्ष्य वाला स्थल उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर जिले में स्थित लहुरादेव है । यहां से 7000 ई.पू. से 9000 ई.पू. के मध्य मानव के बसने तथा निश्चित तौर पर 6400 ईसा पूर्व के चावल के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं । उल्लेखनीय है कि इस नवीनतम खोज के पूर्व भारतीय उपमहाद्वीप का प्राचीनतम कृषि साक्ष्य वाला स्थल मेहरगढ़ ( पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित ; यहां से 7000 से 5500 ई . पू . के गेहूं के साक्ष्य मिले हैं ) , इसके साथ ही चावल के साक्ष्य वाला स्थल कोलडिहवा ( प्रयागराज जिले में बेलन नदी के तट पर स्थित ; यहां से 6500 ई.पू. के चावल की भूसी के साक्ष्य मिले हैं ) माना जाता था ।

#2. निम्नलिखित मे से किसको कैल्कोलिथिक युग भी कहा जाता है ?

Ans. C. ताम्र पाषाण युग  

ताम्र पाषाण युग को कैल्कोलिथिक युग भी कहा जाता है । जिन संस्कृतियों में तांबे के औजारों के साथ ही पत्थर के बने हुए उपकरणों का प्रचलन मिलता है , उन्हें प्रायः ताम्र – पाषाणिक संस्कृतियां कहा जाता है ।

#3. हड़प्पा मे मिट्टी के बर्तनों पर सामान्यतः किस रंग का उपयोग हुआ था ?

Ans. A. लाल 

हड़प्पा निवासी मिट्टी के बर्तनों का व्यापक पैमाने पर निर्माण करते थे । प्रारंभिक हड़प्पा सभ्यता में पैर से चालित चाक का प्रयोग किया जाता था । परिपक्व हड़प्पा के दौर में हाथ से चालित चाकों का प्रयोग किया जाने लगा था । डिजाइन के आधार पर इन बर्तनों की दो श्रेणियां थीं , एक तो बिना डिजाइन वाले बर्तन तथा दूसरे चित्रित मृदभाण्ड । मृदभाण्डों को बनाने वाली मिट्टी में रेत का मिश्रण किया जाता था , जिनको पकाने पर यह हल्के भूरे – लाल रंग का रूप ग्रहण कर लेती थी । इन मृदभाण्डों के ऊपरी हिस्सों में लाल रंग की पुताई कर दी जाती थी तथा निचले हिस्से में काले रंग से विभिन्न प्रकार की चित्रकारी की जाती थी ।

#4. सिंधु घाटी सभ्यता निम्नलिखित में से किस युग मे पड़ता है ?

Ans. B. प्रागैतिहासिक काल

ऐतिहासिक काल का निर्धारण पठनीय लेखन कला के ज्ञान के आधार पर किया जाता है । लेखन कला के ज्ञान से पहले का कालखंड प्रागैतिहासिक कालखंड होता है । भारतीय इतिहास में 2500 B.C. से 600 B.C. का कालखंड आद्य – ऐतिहासिक माना गया है । सैंधव सभ्यता आद्य – ऐतिहासिक काल की सभ्यता है , क्योंकि यहां पर लेखन कला का ज्ञान तो है , परंतु अभी तक इसे पढ़ा नहीं जा सका है ।

#5. निम्न में से किस हड़प्पा नगर में जुते हुए खेतों के निशान मिले है ?

Ans. A. कालीबंगा                                      

प्रश्नगत हड़प्पा सभ्यता के स्थलों में से खम्भात की खाड़ी के निकट स्थित लोथल से गोदीबाड़ा के साक्ष्य मिले हैं । राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्गर नदी के किनारे स्थित कालीबंगा से जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले हैं । गुजरात के धौलावीरा से हड़प्पा लिपि के बड़े आकार के 10 चिह्नों वाला एक शिलालेख मिला है । हरियाणा के फतेहाबाद जिले में स्थित बनावली से पकी मिट्टी की बनी हुई हल की प्रतिकृति मिली है ।

#6. निम्नलिखित में से कौन हड़प्पा और मोहनजोदडों के उत्खनन से संबंधित नहीं थे ?

Ans. D. वी. ए. स्मिथ                     56th to 59th B.P.S.C (Pre) 2015

में राखालदास बनर्जी ने की तथा इसके पुरातात्विक महत्व की ओर ध्यान आकर्षित किया । इनके अतिरिक्त कुछ अन्य विद्वान के.एन. दीक्षित , अर्नेस्ट मैके , आरेल स्टीन , ए . घोष , जे.पी. जोशी आदि ने भी इस सभ्यता की खोज में महत्वपूर्ण योगदान दिया । अतः स्पष्ट है कि वी.ए. स्मिथ हड़प्पा सभ्यता की खोज से संबंधित नहीं रहे , बल्कि ये भारतविद एवं कला इतिहासकार के रूप में प्रसिद्ध थे ।

#7. ऋग्वेद का कौन-सा मंडल पूर्णतः सोम को समर्पित है ?

Ans. D. दसवां मंडल                             42th B.P.S.C (Pre) 1997-98

ऋग्वेद में कुल 10 मंडल हैं । नवम् मंडल के सभी 114 मंत्र ‘ सोम ’ को समर्पित हैं । सोम आर्यों का मुख्य पेय था , जिसे मूजवंत पर्वत से प्राप्त किया जाता था । ऋग्वेद के दशम् मंडल में चारों वर्णों की उत्पत्ति का उल्लेख है ।

#8. ऋग्वेद संहिता का नौवां मंडल पूर्णतः किसको समर्पित है ?

Ans. D. सोम और इस पेय पर नामाकृत देवता        40th B.P.S.C (Pre) 1995

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें

#9. सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या है ?

Ans. A. पकी ईट से बनी इमारत                  63th B.P.S.C (Pre) 2017     

सिंधु घाटी सभ्यता की प्रमुख विशेषता नगर नियोजन को माना जाता है । यहां नगर और कस्बे एक निश्चित योजना के अनुसार बसाए जाते थे । पकी ईंट से बनी इमारतों में मोहनजोदड़ो का विशाल स्नानागार व अन्नागार प्रमुख हैं । इनकी सतह पकी ईंटों की है , जिसे जिप्सम तथा मोर्टार द्वारा जोड़ा गया है ।

#10. निम्नलिखित में से कौन-सा एक हड़प्पा का बंदरगाह है ?

Ans. B. लोथल                                              55th B.P.S.C (Pre) 2011

हड़प्पीय नगर लोथल गुजरात के अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के किनारे स्थित है । यहां की सर्वाधिक महत्वपूर्ण उपलब्धि हड़प्पाकालीन बंदरगाह है ।

#11. निम्न में से किस हड़प्पाकालीन स्थल से 'टेराकोटा' का हल प्राप्त हुआ ?

Ans. B. बनावली                         60th to 62th B.P.S.C (Pre) 2016

हरियाणा के फतेहपुर जिले में स्थित बनवाली से ‘टेराकोटा’ का हाल प्राप्त हुआ है |

#12. बोगजकोई का महत्व इसलिए है की _

Ans. A. वहां जो अभिलेख प्राप्त हुए है, उनमें वैदिक देवी एवं देवताओं का वर्णन मिलता है |                                            39th B.P.S.C (Pre) 1994

बोगजकोई ( एशिया माइनर ) से 14 वीं शताब्दी ई . पू . के कुछ | अभिलेख मिले हैं । इस अभिलेख में ऐसे राजाओं का उल्लेख | आया है , जिनके नाम आर्यों जैसे थे और जो संधियों के साक्ष्यों तथा रक्षा के लिए इंद्र , मित्र , वरुण एवं नासत्य देवताओं का आह्वान करते थे । इससे ज्ञात होता है कि वैदिक आर्य ईरान से होकर ही भारत में आए होंगे ।

#13. गायत्री मंत्र किस पुस्तक में मिलता है ?

Ans. C. ऋग्वेद                                             39th B.P.S.C (Pre) 1994

‘गायत्री मंत्र ऋग्वेद’ में उल्लिखित है | इसके रचनाकार विश्वामित्र है | यह मंत्र ऋग्वेद के तृतीय मंडल में वर्णित है |

#14. निम्न में से किस भारतीय दर्शन ने परमाणु सिद्धांत का प्रतिपादन किया ?

Ans. D वैशेषिक                                          66th B.P.S.C (Pre) 2020

वैशेषिक दर्शन के अनुसार, सृष्टि का निर्माण अणु से हुआ है | महर्षि कणाद इस दर्शन के प्रवर्तक थे |

#15. महावीर स्वामी का जन्म कहां हुआ था ?

Ans. A. कुंडग्राम में                               42th, 47th, 55th, B.P.S.C (Pre) 1997, 2005, 2011

महावीर स्वामी का जन्म कुंडग्राम या कुंडलपुर में ( वैशाली के निकट ) लगभग 599 ई.पू. में हुआ था । उनकी माता त्रिशला वैशाली के लिच्छवि गणराज्य के प्रमुख चेटक की बहन थीं तथा पिता सिद्धार्थ ज्ञातृक क्षत्रियों के संघ के प्रधान थे , उनके बड़े भाई नंदिवर्धन थे । कुछ प्राचीन संस्करण की NCERT पुस्तकों में महावीर स्वामी का जन्म 540 ई.पू. उद्धत है । इसी आधार पर अनेक अन्य प्रकाशकों ने भी यही जन्म तिथि अपने पुस्तकों में अंकित कर दिया है , जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है । महावीर स्वामी की सही जन्म तिथि 599 ई.पू. ही उचित है , क्योंकि महावीर स्वामी , महात्मा बुद्ध के पहले के काल के हैं । महात्मा बुद्ध का जन्म 563 ई.पू. है । NCERT के नवीन संस्करणों में भी अब महावीर स्वामी का जन्म 599 ई.पू. प्रकाशित हो चुका है ।

#16. महावीर स्वामी की मृत्यु निम्नलिखित में से किस नगर में हुई ? 

Ans. C. पावापुरी                                  40th B.P.S.C (Pre) 2001-02

महावीर स्वामी का जन्म 599 ई . पू . में वैशाली के निकट कुण्डग्राम में हुआ था , उनके पिता सिद्धार्थ ज्ञातृक क्षत्रियों के संघ के प्रधान थे , जो वज्जि संघ का एक प्रमुख सदस्य थे । 527 ई . पू . के लगभग 72 वर्ष की आयु में राजगृह के समीप स्थित पावापुरी नामक स्थान में उन्होंने शरीर त्याग दिया ।

#17. भगवान महावीर स्वामी का प्रथम शिष्य था ?   

Ans. A. जामाली                                          47th  B.P.S.C (Pre) 2005

भगवान महावीर का जन्म क्षत्रिय वंश में सिद्धार्थ के यहां 599 ईसा पूर्व में हुआ था । उनकी पत्नी का नाम यशोदा था , उनसे प्रियदर्शना नामक एक पुत्री उत्पन्न हुई । उस पुत्री का विवाह जामालि नाम के क्षत्रिय से हुआ था , जो बाद में महावीर स्वामी का अनुयायी बन गया । यह उनका प्रथम शिष्य था । जामालि ने बाद में महावीर का विरोध किया और ‘ बहुरतवाद ‘ नामक नए संप्रदाय की शुरुआत की । ग्यारह अन्य प्रधान शिष्य जिन्हें गणधर कहा जाता है , निम्न प्रकार थे— इन्द्रभूति , अग्निभूति , वायुभूति ( तीनों भाई थे ) आर्यव्यक्त , सुधर्मन , मण्डिक , पुत्र , मौर्य पुत्र , अकम्पित , अचल , मैत्रेय तथा प्रभास ।

#18. निम्नलिखित में से कौन सबसे पूर्वकालिक जैन ग्रंथ कहलाता है ?

Ans. C. चौदह पूर्व                                         40th B.P.S.C (Pre) 1995

’14 पूर्व ‘ प्राचीनतम जैन ग्रंथ है । अंतिम नंद राजा के समय में सम्भूतविजय तथा भद्रबाहु संघ के अध्यक्ष थे तथा ये ही महावीर द्वारा प्रदत्त 14 पूर्वो के विषय में जानने वाले अंतिम व्यक्ति थे । 12 अंग में जैन सिद्धांतों का संकलन प्रथम जैन सभा में किया गया था ।

#19. महात्मा बुद्ध ने अपना पहला 'धर्मचक्रप्रवर्तन' किस स्थान पर दिया था ?

Ans. B. सारनाथ में                                       47th  B.P.S.C (Pre) 2005

6 वर्षों की साधना के पश्चात 35 वर्ष की अवस्था में वैशाख पूर्णिमा की रात्रि को एक पीपल के वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ । ‘ ज्ञान ‘ प्राप्ति के बाद ही वे बुद्ध कहलाए । ज्ञान प्राप्ति के पश्चात गौतम ने अपने मत का प्रचार प्रारंभ किया । उरूबेला से वे सबसे पहले ऋषिपत्तन ( वर्तमान में सारनाथ ) आए । यहां उन्होंने पांच ब्राह्मण संन्यासियों को पहला उपदेश दिया । इस प्रथम उपदेश को ‘ धर्मचक्रप्रवर्तन ‘ कहा जाता है । यह उपदेश दुःख , दुःख के कारणों दुःख का अंत उनके समाधान से संबंधित था । इसे ‘ चार आर्य सत्य ‘ भी कहा जाता है ।

#20. महात्मा बुद्ध का 'महापरिनिर्वाण' कहां हुआ ? 

Ans. C कुशीनगर में                                      47th  B.P.S.C (Pre) 2005

महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया । उसके पश्चात वे बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए कपिलवस्तु , राजगृह , वैशाली तथा कोशल राज्य गए । सबसे अधिक बौद्ध धर्म का प्रचार कोशल राज्य में हुआ । कोशल नरेश प्रसेनजित ने भी अपने परिवार के साथ बुद्ध की शिष्यता ग्रहण की थी । अपना प्रचार करते हुए वे मल्लों की राजधानी पावा पहुंचे यहां वे चुन्द नामक लुहार की आम्रवाटिका में ठहरे । उसने बुद्ध को ‘ सूकरमद्दव ‘ खाने को दिया , इससे उन्हें ‘ रक्तातिसार ‘ हो गया और भयानक पीड़ा उत्पन्न हुई । इस वेदना के बाद भी वे कुशीनारा ( कुशीनगर ) ( मल्ल गणराज्य की राजधानी ) पहुंचे । यहीं 483 ई . पू . में 80 वर्ष की अवस्था में उन्होंने शरीर त्याग दिया । बौद्ध ग्रंथों में इसे ‘ महापरिनिर्वाण ‘ कहा जाता है ।

#21. त्रिपिटक किसकी धार्मिक पुस्तक है ?

Ans. D. बौद्ध                                                63th B.P.S.C (Pre) 2017

‘ त्रिपिटक ‘ बौद्ध धर्म ग्रंथों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है । बुद्ध की मृत्यु के बाद उनकी शिक्षाओं को संकलित कर तीन भागों में बांटा गया , इन्हीं को त्रिपिटक कहते हैं । ये हैं- ( 1 ) विनय पिटक ( संघ संबंधी नियम तथा आचार की शिक्षाएं ) , ( 2 ) सुत्त पिटक ( महात्मा बुद्ध के वचन ) तथा ( 3 ) अभिधम्म पिटक ( दार्शनिक सिद्धांत )

#22. त्रिरत्न या तीन रत्न, जैसे सटीक ज्ञान, सच्ची आस्था और सटीक क्रिया, निम्न में से किससे संबंधित है ?

Ans. C. जैन धर्म                                          66th B.P.S.C (Pre) 2020

जैन धर्म में मोक्ष के लिए तीन साधन आवश्यक बताए गए हैं सम्यक् धारण ( दर्शन ) , सम्यक् चरित्र एवं सम्यक् ज्ञान । इन तीनों को जैन धर्म में ‘ त्रिरत्न ‘ की संज्ञा दी गई है ।

#23. निम्नलिखित में से कौन-सी बात बौद्ध धर्म तथा जैन धर्म में समान नहीं है ?

Ans. C. आत्म दमन                                   40th B.P.S.C (Pre) 2000

गौतम बुद्ध ने मध्यम मार्ग का उपदेश दिया । वे मोक्ष के लिए कठोर साधना एवं काया – क्लेश में विश्वास नहीं करते थे , इसके महावीर स्वामी ने मोक्ष प्राप्ति के लिए घोर तपस्या तथा विपरीत शरीर त्याग को आवश्यक बताया ।

#24. बोधगया में 'बोधि वृक्ष' अपने वंश की इस पीढ़ी का है-

Ans. C. पंचम                               48th to 52th B.P.S.C (Pre) 2008

महाबोधि मंदिर स्थित वर्तमान बोधि वृक्ष वह नहीं है , जिसके नीचे बैठकर महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था । ह्वेनसांग के अनुसार , उस मूल वृक्ष को सातवीं शताब्दी में सम्राट शशांक ने नष्ट कर दिया था । इसके बाद इस स्थान पर 2 और वृक्ष रोपित हुए और नष्ट हुए । वर्तमान वृक्ष जिसे हम देख रहे हैं वह पांचवी पीढ़ी का वृक्ष है , जिसे अलेक्जेंडर कनिंघम ने लगवाया था । यह वृक्ष पूरी । तरह संरक्षित है और केवल इससे गिरी हुई पत्तियों को ही छूने एवं उठाने का अधिकार है । एक अन्य तथ्य के अनुसार , यह वृक्ष क्रमश : दो बार सम्राट अशोक , एक बार पुष्यमित्र शुंग , एक बार पूर्व वर्मा तथा अंत में कनिंघम द्वारा लगवाया गया । अतः यह छठीं पीढ़ी का वृक्ष है । बिहार सरकार के पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर इसे पांचवी पीढ़ी का बताया गया है । तथ्यों में विवाद होने के कारण बिहार लोक सेवा आयोग ने इस प्रश्न को मूल्यांकन से बाहर कर दिया था ।

#25. बराबर की गुफाओं का उपयोग किसने आश्रयगृह के रूप में किया ?

Ans. A. आजीविकों ने                                   40th B.P.S.C (Pre) 1995

मौर्य युग में पर्वत गुफाओं को काटकर निवास स्थान बनाने की कला का पूर्ण विकास हुआ । अशोक तथा उसके पौत्र दशरथ के समय में बराबर तथा नागार्जुनी पहाड़ियों को काटकर आजीविकों के लिए आवास बनाए गए थे । अशोक के समय बराबर पहाड़ी की गुफाओं में ‘ सुदामा की गुफा ‘ तथा ‘ कर्ण चौपड़ ‘ नामक गुफा सर्वप्रसिद्ध है ।

#26. आजीवक संप्रदाय के संस्थापक थे_

Ans. C. मक्खलिगोसाल                              39th  B.P.S.C (Pre) 1994

मक्खलिगोसाल प्रारंभ में महावीर के शिष्य थे , किंतु बाद में मतभेद के चलते इन्होंने महावीर की शिष्यता त्यागकर , आजीवक नामक स्वतंत्र संप्रदाय की स्थापना की । इनका मत नियतिवाद कहा जाता है , जिसके अनुसार संसार की प्रत्येक वस्तु भाग्य द्वारा पूर्व एवं संचालित होती है । नियंत्रित एवं संचालित होती है |

#27. पाटलिपुत्र के संस्थापक थे_

Ans. A. उदयिन                             48th to 52th B.P.S.C (Pre) 2008

पाटलिपुत्र की स्थापना अजातशत्रु के उत्तराधिकारी उदयिन ने गंगा और सोन नदी के संगम पर एक किला बनाकर की थी । इसने मगध साम्राज्य की राजधानी राजगृह से पाटलिपुत्र स्थानांतरित की । यह नगर शिशुनाग वंश , नंद वंश और मौर्य वंश की भी राजधानी रही ।

#28. किस शासक द्वारा सर्वप्रथम पाटलिपुत्र का राजधानी के रूप में चयन किया गया ?

Ans. C उदयिन द्वारा                             46th B.P.S.C (Pre) 2003-04

हर्यक वंशीय शासक उदयिन या उदयभद्र के शासनकाल की सर्वप्रमुख घटना गंगा एवं सोन नदियों के संगम पर पाटलिपुत्र नगर की स्थापना है । उसने राजगृह से इसी नव स्थापित नगर में अपनी राजधानी स्थानांतरित की ।

#29. निम्नलिखित में से किस राजा ने पाटलिपुत्र बसाया था ?

Ans. D. उदयिन                                           44th B.P.S.C (Pre) 2000

मगध नरेश उदयिन के शासनकाल की सर्वप्रमुख घटना गंगा और सोन नदियों के संगम पर पाटलिपुत्र नामक नगर की स्थापना है । उसने राजगृह से इसी स्थान पर अपनी राजधानी स्थानांतरित की ।

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